Book – आर्यो का मूल क्षेत्र: अंगदेश (Aryon Ka Mool Kshetra: Angdesh) – Acharya Parshuram Thakur Brahamavadi

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ConditionNew
BrandPublisher: Shilalekh
City/Town/DistrictBhagalpur
Zip/Postal Code812006
Contact Nameपरशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी
Mobile Number9801649792, 9162089801
Emailbrahmvadiprashuram@gmail.com
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Author- Prashuram thakur brahmvadi. Publisher - Shilalekh books, new Delhi. Copyrite- Shilalekh books

  • Publisher ‏ : ‎ Shilalekh
  • 1st edition : 1 January 2015
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Hardcover ‏ : ‎ 216 pages
  • ISBN-10 ‏ : ‎ 8173293430
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 978-8173293436
  • Author : आचार्य परशुराम ठाकुर ब्रह्मवादी (PrashuramTthakur Brahmvadi)
  • Country of Origin ‏ : ‎ India

 

Historian author proves that Aryans did not come from Himalyas as is general perception. They were natives of area now called Bihar. He has explained with archaeological proof found in that area with references.

परशुराम ब्रह्मवादी

सद्स्य- भारतीय इतिहास कांग्रेस , नई दिल्ली । लाईब्रेरी अॉफ कांग्रेस , अमेरिका । प्रकाशित ग्रंथ- सृष्टि का मूल इतिहास (1996) इतिहास को एक नई दिशा(2001) अंगिका भाषा: उदभव और विकास (1994-95) प्राचीन बिहार की शिक्षा संस्कृति का इतिहास (2008) मूल भाषा विज्ञान -वेदों की भाषा और लिपि(2009) आर्य संस्कृति का उदगम एवम विकास (2012) विक्रमशिला का इतिहास (2013) आर्यो का मूल क्षेत्र: अंगदेश (2014-2015) मंदार: जहाँ से प्रकट हुई गंगा(2015). मौलिक खोज- आर्यो का मूल स्थान, वेदो की निर्माणस्थली , सरस्वती नदी की खोज, रावण की लंका की खोज, मूल द्वारिका की खोज, आदि सृष्टि का मूल क्षेत्र। नोट:- राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओ में सैकडो शोध मान्यताएँ प्रकाशित ।

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