फोरलेन : मुआवजा नहीं मिलने से काम बाधित कर रहे रैयत;

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन के निर्माण में मुआवजा भुगतान, नगर निगम का कूड़ा और 3435 पेड़ बाधा बना हुआ है। निर्माण करने वाली एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि मुआवजा नहीं मिलने के चलते कई जगहों पर रैयत मजदूरों को भगा देते हैं। बाहर मजदूर होने के चलते काम करने में डरते हैं। पेड़ों को काटने और हटाने को लेकर मार्गदर्शन नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।

मुआवजा का भुगतान जल्द करें

समीक्षा के दौरान निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा भुगतान नहीं होने से कई जगहों पर परेशानी हो रही है। रैयत मजदूरों को भगा देते हैं। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि करीब 736 करोड़ रुपये मुआवजा का भुगतान करना है। उसमें से 400 करोड़ रुपये भुगतान हो चुका है। त्वरित गति से मुआवजा का भुगतान किया जा रहा है। सांसद ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि को कहा कि अगर कहीं रैयत विरोध करें तो जानकारी उन्हें दी जाए। ताकि रैयतों को समझा-बुझाकर काम शुरू कराया जा सके।

पेड़ों को लेकर दिशा-निर्देश मिले

मंगलवार को स्थानीय परिसदन में सांसद अजय कुमार मंडल की अध्यक्षता में मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन और एनएन 80 की समीक्षा की गयी। निर्माण कंपनी के मुख्य परियोजना प्रबंधक द्वारा बताया गया कि पैकेज तीन में कार्य करने की तिथि घोषित की जा चुकी है। सभी प्रकार की मशीनरी और मजदूर आ गये हैं, लेकिन बायपास भाग पर 3435 पेड़ हैं। जिसके संबंध में वन विभाग से अनापत्ति के साथ निर्देश की जरूरत है कि इसे हटाया या काटा जाए। सांसद ने एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक को अपने स्तर से पत्राचार कर उन्हें अवगत कराने को कहा। ताकि संबंधित प्राधिकार से पहल की जा सके। एनएच के कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार 1980 से पूर्व जहां वनक्षेत्र नहीं है। वहां सड़क निर्माण कार्य के लिए वन विभाग की अनापत्ति आवश्यक नहीं है। लेकिन यहां वन विभाग द्वारा इसमें थोड़ा विरोधाभास बताया जा रहा है। जिसका स्पष्टीकरण जरूरी है।

तत्काल कूड़ा हटाये निगम

बताया गया कि बायपास निर्माण स्थल पर नगर निगम द्वारा कचरा डंप किया गया है। जिसके कारण कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। सांसद ने कहा कि डीएम स्तर से नगर निगम को पत्र भेजकर कचरा का उठाव तत्काल सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम को बताना होगा कि किसकी अनुमति से वहां कचरा डंप किया गया। फ्लाई ऐश आपूर्ति के संबंध में एनटीपीसी कहलगांव के मुख्य महाप्रबंधक के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि चैनेजवार अधियाचन मुख्य महाप्रबंधक एनटीपीसी कहलगांव के नाम से उपलब्ध कराया जाए। अगले 15 दिनों के बाद इसकी आपूर्ति कर दी जाएगी। निर्माण कंपनी के मुख्य परियोजना प्रबंधक द्वारा बताया गया कि इसे अविलंब उपलब्ध करा दिया जाएगा। फेज एक और चार के बारे में निर्माण कंपनी के परियोजना प्रबंधक द्वारा बताया गया कि कार्य प्रारंभ करने की तिथि की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन कार्य शुरू कर दिया गया है। एनटीपीसी कहलगांव से फ्लाई ऐश की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन ट्रकों की नो इंट्री से समस्या है। सांसद ने कहा कि सभी निर्माण एजेंसी नो इंट्री से छूट के लिए आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध करायें। ताकि जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर वाहनों को छूट देने के संबंध में कार्रवाई की जा सके।