ब्रह्मपुत्र आठ तो सूरत एक्सप्रेस 10 घंटे लेट;

भागलपुर। कड़ाके की ठंड के कारण कनकनी और कोहरा बढ़ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर रेल सेवा पर पड़ा है। लंबी दूरी से आने वाली सारी ट्रेनें हर रोज लगभग देरी से आ रही हैं। ट्रेनें 10-12 घंटे लेट चल रही हैं। तीन दिनों में ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंच रही है। शनिवार को आने वाली ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस रविवार को भागलपुर पहुंची। इसके आलावा कई ट्रेनें कुछ घंटे की देरी से पहुंची थीं।

रविवार को आनंद विहार से भागलपुर आने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस दो घंटे ज्यादा देर से पहुंची थी। यही नहीं, नई दिल्ली से कामख्या जाने वाली ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस भागलपुर करीब साढ़े 11 घंटे लेट सुबह 6.00 बजे के बाद पहुंची। रविवार को आने वाली डाउन ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस फिर से 10 घंटे से ज्यादा लेट है। यह ट्रेन आज सोमवार को पहुंची। अजमेर से भागलपुर आने वाली अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस भी 10 घंटे से ज्यादा देरी से चली। इस कारण यह ट्रेन भी दूसरे दिन सोमवार को पहुंची। यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलाई जा रही है। भागलपुर आने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस आनंद विहार से दो घंटे से ज्यादा देरी से खुली है। इस कारण संभावना है कि यह ट्रेन सोमवार को देरी से ही पहुंचेगी। देरी से चल रहे ट्रेनों के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। इस भीषण ठंड में सबसे ज्यादा मुश्किल में स्लीपर और जनरल क्लॉस के यात्री हैं। इनके पास ठंड से बचने के लिए उपाय नाकाफी हैं, लेकिन बीच रास्ते में उनलोगों के पास ठंड में ठिठुरने के अलावा कोई चारा ही नहीं है। वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते।

ट्रेन की डिवाइस भी फेल

कोहरे से निपटने के लिए रेल मुख्यालय ने लंबी दूरी की ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस दी थी, लेकिन वह भी ठंड के बढ़ते प्रकोप के बाद काम नहीं कर रही है। हालांकि ट्रेनों में चालक डिवाइस के साथ रहते हैं, किंतु इसका प्रभाव कम हो जाता है।