भागलपुरी बेर ने बाजार में बंगाल का दबदबा किया कम;

भागलपुर। भागलपुरी बेर जल्द ही बाजार में आएगा। अभी बाजार में बंगाल, छत्तीसगढ़, नासिक आदि के बेर बिक रहा है। इन जगहों की बेर की साइज स्थानीय बेर की तुलना में बड़ी होती है। एक किलो में 12 से 15 पीस ही चढ़ता है। फल मंडी व वेरायटी चौक के पास दूसरे जगहों की बेर अभी 40 से 60 रुपये के बीच बिक रही है। फल विक्रेता मो. साहेब ने बताया कि भागलपुर का बेर एक सप्ताह के अंदर बाजार में आ जायेगा। सरस्वती पूजा के समय इसकी खूब मांग रहती है। पहले बंगाल व अन्य राज्यों का बेर ही खूब बिकता था। अब स्थानीय बेर का दबदबा बढ़ गया है। छोटा बेर होने के साथ यह स्वादिष्ट होता है। यहां के बेर दूसरे जिलों में भी जाता है।

सुंदरी, काश्मीरी, ग्रीन एप्पल बेर जल्द ही आयेगा बाजार में

पीरपैंती के किसान नवल किशोर सिंह ने बताया कि भागलपुर में तीन तरह की बेर की उपज अधिक हो रही है। इसमें सुंदरी, कश्मीरी के अलावा ग्रीन एप्पल है। ग्रीन एप्पल बेर का उत्पादन अधिक हुआ है। यह बेर ही सबसे अधिक बिकता है। होलसेल में इसकी कीमत 30 रुपये किलो होती है। बेर दस जनवरी से बाजार में बिकने लगेगा। जबकि सुंदरी बेर 40 से 45 रुपये व कश्मीरी बेर 45 से 60 रुपये किलो होलसेल में बिकता है। उन्होंने बताया कि बाजार में अब भागलपुरी बेर की मांग अधिक हो गयी है। सरस्वती पूजा को लेकर अभी से बगीचे से बेर बिकने लगा है। यहां की बेर की मांग झारखंड के साहेबगंज, गोड्डा, देवघर आदि जगहों पर खूब हो रही है।

कई प्रखंडों में अब होती है बेर की खेती

किसान नवल ने बताया कि बेर की खेती पहले कम किसान ही करते थे। अब पीरपैंती, बिहपुर, गोपालगंज, गोराडीह आदि जगाहें के किसानों ने उपज करना शुरू कर दिया है। इस कारण बाजार में स्थानीय बेर बड़े पैमाने पर बिकने लगा है। उनके पास खुद के 300 बेर के पेड़ हैं और उत्पादन सौ क्विंटल से अधिक होने की संभावना है।