भागलपुर। ईस्टर्न बिहार चैंबर का अब होगा व्हाट्सअप ग्रुप;

भागलपुर। ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स का अब व्हाट्सएप ग्रुप होगा। इसमें व्यापारियों को हर तरह की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। सात जनवरी को चैंबर कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जानकारी भी इसमें साझा की जाएगी। दो ग्रुप में फिलहाल 788 सदस्यों को जोड़ा गया है।

अध्यक्ष श्रवण बाजोरिया ने बताया कि ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफिशियल ग्रुप (ईबीसीसीआई) काम करने लगा है। इसका एडमिन चार लोगों को बनाया गया है। इसमें वह खुद, महासचिव सीए पुनीत चौधरी, वरीय उपाध्यक्ष शरद सलारपुरिया व पीआरओ दीपक कुमार शर्मा हैं। उन्होंने बताया कि इस ग्रुप में शामिल होने से पहले सभी सदस्यों के घर पर जाकर मोबाइल नंबर लिया गया था। पहले उनके पास लैंड लाइन नंबर था। पूरी जांच पड़ताल के बाद इसमें सदस्यों को जोड़ा गया है। अध्यक्ष ने बताया कि इस ग्रुप में फिलहाल एडमिन की ओर से ही बैठक, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को लेकर झंडोत्तोलन, होली मिलन समारोह आदि की भी जानकारी दी जाएगी। इधर, पीआरओ ने बताया कि एक ग्रुप में 392 तो दूसरे ग्रुप में 396 लोगों को जोड़ा गया है। चैंबर में 11 सौ से अधिक सदस्य हैं। कुछ सदस्यों को तकनीकी कारणों से नहीं जोड़ा जा सका है। उन्हें जल्द जोड़ा जायेगा।

सॉफ्टवेयर पर चल रहा काम

चैंबर का पहली बार अपना सॉफ्टवेयर होगा। वरीय उपाध्यक्ष शरद सलारपुरिया के नेतृत्व में सॉफ्टवेयर तैयार हो रहा है। इसके बाद चैंबर का काम कागज पर कम दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी व्यवसायी अपनी बात रख सकेंगे। किसी भी व्यापारी को अगर चैंबर का सदस्य बनना है तो उसे अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सॉफ्टवेयर में राज्य व केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी व्यापारियों के लिए उपलब्ध होगी। वो घर बैठे विभिन्न योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे।

चैंबर का लोगो कार्यालय में लगा

आनंद चिकित्सालय रोड स्थित ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स का लोगो व बोर्ड मंगलवार को कार्यालय में लग गया है। कार्यालय में दो तरह का लोगों बनाया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि चैंबर कार्यालय जल्द ही सदन की तरह दिखेगा। जहां 24 कार्यकारिणी सदस्यों के बैठने के लिए मूविंग चेयर के साथ उनके पास माइक की व्यवस्था होगी। जहां से वह कोई भी सवाल व जवाब कर सकते हैं। कार्यालय पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। यहां लगभग आधा दर्जन कैमरे लगाये जा रहे हैं।