भुडिया का पगला ताजिया सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक;

सन्हौला थाना परिसर के मुहर्रम मेला में सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ इतनी थी कि तिल रखने की भी जगह नहीं रही। कोरोना के कारण तीन साल के बाद मुहर्रम का मेला लगा। थाना परिसर में क्षेत्र के दो दर्जन गांव के लोगों का गोल अपना-अपना निशान लेकर गाजा-बाजा के साथ आए। युवकों ने लाठी, भाला, तलवार और बाना खेला और शारीरिक कला का भी प्रदर्शन किया। मेला में तिरंगा झंडा भी दिखा जो यह दर्शाता था कि हमें अपने देश पर गर्व है। भुडिया का पगला ताजिया आकर्षण का केन्द्र बना रहा। इस ताजिया के निर्माण से कंधा देने तक दोनों सम्प्रदायों का सहयोग रहता है। अपनी मंगल कामना के लिए दोनों सम्प्रदाय के लोग पगला ताजिया के आगे माथा टेकते हैं। इस कारण पगला ताजिया सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है।