राजकीय बालिका इंटर विद्यालय में पहली एस्ट्रोनॉमी लैब खुली;

भागलपुर। स्मार्ट सिटी योजना से राजकीय बालिका इंटर विद्यालय में एस्ट्रोनॉमी लैब बनकर तैयार हो गयी है और रविवार को नगर आयुक्त डॉ. योगेश कुमार सागर ने इसका उद्घाटन भी कर दिया। अब यह लैब न केवल राजकीय बालिका इंटर विद्यालय, बल्कि अन्य स्कूलों के बच्चों के लिए भी तैयार है। इस लैब में खगोलीय जानकारी के अलावा फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ साइंस आदि से भी जुड़ी जानकारी मिलेगी। इसमें 82 तरह के उपकरण रखे गए हैं, जिसमें गैलीलियों टेलीस्कोप सहित तीन तरह के टेलीस्कोप भी हैं। इससे छात्र-छात्राएं सूरज, चांद सहित विभिन्न ग्रहों एवं उपग्रहों की स्थिति भी देख सकेंगे।

नगर आयुक्त डॉ. योगेश कुमार सागर ने बताया कि एस्ट्रोनॉमी लैब अभी एक स्कूल में बनायी गयी है। इसके बाद उन शेष स्कूलों में भी यह लैब बनाने की योजना है, जिसका स्मार्ट सिटी योजना से आधुनिकीकरण किया गया है और जहां 20 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा कमरे में जगह उपलब्ध हो। नगर आयुक्त ने बताया कि इस लैब में सौर मंडल और अंतरिक्ष के बारे में छात्रों को बताया जाएगा, ताकि उनके इन विषयों के प्रति अभिरुचि जगे। इस लैब में एक टेलीस्कोप भी रहेगा जिससे छात्र-छात्राएं अंतिरिक्ष में ग्रहों की स्थिति और सौर मंडल की अन्य गतिविधियों को देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि स्कूल के बाहर के बच्चे भी इसमें चीजों को देख सकते हैं। इस लैब में इसरो, नासा आदि में होने वाले काम और उसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध वैज्ञानिक एसएस भटनागर की प्रेरणा से इस लैब को शुरू किया जा रहा है। लैब में कई तरह के साइंटिफिक मॉडल रखे गए हैं, जिसमें यह बताया जाएगा कि सैटेलाइट को अंतरिक्ष में कैसे छोड़ा जाता है और उसकी प्रक्रिया क्या होती है। प्रमेय के सिद्धांतों को बताने के लिए आसान मॉडल हैं तो फिजिक्स की बारीकियों को समझाने के लिए कई उपकरण हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि इसका मकसद है स्मार्ट सिटी की योजना से शहर में पढ़ने वाले बच्चों को स्मार्ट तरीके से तमाम तथ्यों की जानकारी दी जाय, ताकि उन्हें परंपरागत पढ़ाई से हटकर कुछ सीखने का मौका मिले। बता दें कि जिन स्कूलों में स्मार्ट सिटी की योजना से आधुनिकीकरण किया जा रहा है उसमें झुनझुनवाला आदर्श बालिका उच्च विद्यालय, मोक्षदा गर्ल्स हाई स्कूल, राजकीय बालिका इंटर विद्यालय, राजकीय इंटरमीडिएट जिला स्कूल और राजकीय सारो साहुन मध्य विद्यालय शामिल हैं। 6 करोड़ से अधिक राशि से इन स्कूलों में काम कराया जा रहा है।