हीरो ऑफ भागलपुर का विमोचन:स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम चेहरे सियाराम सिंह पर शहर की सुदर्शना ने लिखी पुस्तक;

तिलकामांझी की आनंदगढ़ कॉलोनी की 20 वर्षीया सुदर्शना झा ने स्वतंत्रता संग्राम में भागलपुर के हीरो रहे सुल्तानगंज के तिलकपुर निवासी सियाराम सिंह की जीवनी सियाराम सिंह-द हीरो ऑफ भागलपुर पुस्तक लिखी है। उन्होंने डेढ़ साल में इस पुस्तक को पूरा किया है। इसका विमोचन रविवार को नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया द्वारा दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड बुक फेयर में किया गया।

सुदर्शना ने बताया कि इस पुस्तक को लिखने के लिए पटना के दर्जनों लाइब्रेरी में जाकर अध्ययन किया। सियाराम सिंह के बेटे आरपी सिंह से बात भी की। पुस्तक को लिखने के लिए सरकार की ओर से 3 लाख की मदद मिली थी। सुदर्शना दिल्ली में बीए एलएलबी की छात्रा है। उनके पिता श्रीरंग झा और मां श्वेता झा प्रोफेसर हैं।

प्रधानमंत्री युवा स्कीम के तहत पुस्तक लिखने के लिए हुआ था चयन

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ऐसे गुमनाम चेहरे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। उनको खोजने के लिए प्रधानमंत्री युवा स्कीम के तहत देशभर में 75 युवाओं का चयन किया गया था। यह वैसे युवा थे जो 30 वर्ष से कम उम्र के थे। इसके तहत जारी होने वाली सभी पुस्तकें भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की थीम हैं।

इसमें शामिल 75 पुस्तक जो 22 आधिकारिक भाषाओं के साथ अंग्रेजी में लिखी गई है। इसके तहत युवा लेखकों को देश में पढ़ने, लिखने और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने और भारत और भारतीय लेखन को विश्व स्तर पर पेश करने के लिए प्रशिक्षित करने की परिकल्पना की गई थी।