दीपावली में मात्र 48 घंटे शेष हैं। दीपोत्सव पर पटाखा फोड़कर खुशियां मनाने की परंपरा पुरानी है। लेकिन इस बार पटाखा के लिए लोगों को शायद लालायित रहना पड़े। कारण, अब तक जिले के किसी थोक व फुटकर विक्रेताओं को पटाखा बेचने का लाइसेंस नहीं दिया गया है। गोया, पटाखा बेचने की एडवाइजरी (निर्देश) जारी कर दी गई है। स्थिति यह है कि खुदरा लाइसेंस लेने के लिए इतने क्लॉज लगाए गए हैं कि शनिवार दिनभर उसे पूरा करने में ही दुकानदारों का बीत जाएगा। थोक को लाइसेंस नहीं मिला है। वे कहां से माल मंगाएंगे, यह भी तय नहीं हो सका है।
बहरहाल, शुक्रवार दोपहर डीएम ने दीपावली पर पटाखा की खुदरा बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस देने का अधिकार सभी एसडीओ को दिया। इसके लिए 17 शर्तें लगाई गई है। डीएम ने कहा कि दीपावली पर सिर्फ हरित पटाखा ही बिकेंगे। 125 डेसिबल से कम आवाज और कम धुआं उत्सर्जित करने वाले पटाखे ही हरित की श्रेणी में आता है। डीएम ने कहा कि पटाखों का उपयोग रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही किया जाना है। शांति क्षेत्र में शामिल अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, कोर्ट, जैविक उद्यान परिसर आदि के 100 मीटर के द…



















