कलयुग में ईश्वर का नाम लेने से होता है भक्तों का उद्धार;

बिहपुर, संवाद सूत्र। बाबा ब्रजलेश्वर नाथ धाम मड़वा में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन परमपूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की शिष्य अर्चना कुमारी सिंह ने कहा कि श्रद्धा और विश्वास अपना मित्र बना ले तो प्रह्लाद की भांति भगवान की कृपा बरसती रहेगी। कलयुग में ईश्वर का नाम लेने से भक्तों का उद्धार हो सकता है। समर्पण से ही सत्य की अनुभूति प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि कलयुग में मानसिक पूजा का बड़ा महत्व है। मानसिक पूजा शिव साधकों के लिए कोई नियम नहीं है। मानसिक पूजा करने से भगवान प्रसन्न  होकर मनुष्य की कामनाओं को पूर्ति करते हैं।  सच्चे मन से भगवान का ध्यान  करें तो भगवान किसी न किसी रूप में आकर उधार करते हैं।  हर व्यक्ति को अपने आप कल्याण के लिए संकल्प लेना चाहिए। सोच अगर ठीक हो तो कार्य भी सही होगा। इसी दौरान कृष्ण भगवान का जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया और झांकी सजाई गई।

प्रसंग में गंगा की भी चर्चा करते हुए भागीरथ के प्रयास से गंगा मैया का धरती पर आगमन हुआ। गंगा की धारा प्रभु के चरणों से निकलकर बिना भेदभाव के निरंतर बढ़ती रहती है और सब को पवित्र करती रहती है।  वहीं कथा रूपी गंगा भगवान के मुख से निकली है। यह गंगा श्रवण मनन चिंतन और कीर्तन से सबका  कल्याण हो सकता है। कथा सुनने से मानव के दुर्गुण समाप्त होते हैं। मलूक पीठाधीश्वर की पंक्ति सुनाते हुए कहा अजगर करे न चाकरी पंछी करे न काम दास मलूका कह गए सबके दाता राम। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए डॉक्टर सुबोध कुमार मिश्रा, डॉक्टर विद्यार्थी, वरुण कुमार, पंडित मनोज कुमार झा, संजय कुमार आदि सक्रिय रहे।