गो रक्षा हमारा कर्तव्य, गो सेवा समद्धि का द्योतक;

कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत सनोखर शिव मंदिर प्रांगण में चैती दुर्गापूजा के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन मंगलवार को वृंदावन से पधारे बाल व्यास पंडित कृष्ण दास पाठक जी ने गो सेवा, गो पालन एवं गो रक्षा के महत्व का विस्तार पूर्वक वर्णन किया l उन्होंने कहा कि शास्त्रों और पुराणों में भी गाय को माता के समान माना गया है l हमारे ऋषि-मुनियों ने प्राचीन काल से ही गो माता को विशेष महत्व दिया है l शास्त्र के अनुसार जिस घर में गो पालन एवं गो सेवा की जाती है, उनके घर समृद्धि आती है l गो पालन से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। कथा के दौरान श्रीराम की बाल लीला की झांकी देख कर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। मौके पर यजमान रॉकी केसरी, शिव शक्ति सेवा समिति के अध्यक्ष विपिन यादव सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे l