टीएमबीयू प्रदर्शन से कामकाज ठप, पढ़ाई बाधित;

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में एक तरफ जहां स्थायी कुलपति की मांग को लेकर छात्र राजद अनिश्चितकालीन तालाबंदी जारी है, वहीं 13 सूत्री मांगों को लेकर कॉलेजों के शिक्षकेतर कर्मचारियों की भी अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। इससे छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अन्य कामकाज ठप है।

छात्र राजद ने बुधवार को प्रभारी कुलपति प्रो. हनुमान पाण्डेय की बर्खास्तगी और स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रभारी कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। तालाबंदी का नेतृत्व छात्र राजद की विश्वविद्यालय के अध्यक्ष दिलीप कुमार ने किया। दिलीप कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार पूरी तरह से शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने पर तुली हुई है। उन्हें छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। इस मौके पर छात्र राजद के प्रदेश महासचिव सह टीएमबीयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शांतनु राउत ने भी अपने विचार रखे। तालाबंदी के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के साथ-साथ एसएसवी कॉलेज कहलगांव, पीबीएस कॉलेज बांका, जीबी कॉलेज नवगछिया में भी प्रभारी कुलपति के खिलाफ छात्र राजद के सदस्यों द्वारा प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्र संघ के पूर्व काउंसिल सदस्य नीतीश यादव ने कहा कि राजभवन और राज्य की डबल इंजन की सरकार ने बिहार के तमाम विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यवस्था को लचर बना दिया है। इससे सभी छात्र-छात्राओं में आक्रोश है। छात्र राजद प्रवक्ता आशुतोष कुमार ने कहा कि राज्य की दयनीय उच्च शिक्षा प्रणाली को देखकर छात्र-छात्राएं बिहार से बाहर के राज्यों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पलायन करने को विवश हैं। आज की तालाबंदी के दौरान छात्र राजद के जिलाध्यक्ष राजा राधिका रमन, चंदन यादव, अमरदीप आनंद, उमरताज अंसारी, सुजीत यादव, गुलशन कुमार, अभिमन्यु कुमार सिंह, दयानंद यादव, गुंजन, पवन कुमार, मनोज कुमार, राकेश यादव, दीपक, बबलू, अरविंद आदि शामिल थे।

शिक्षकेतर कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी:

वहीं सेवा नियमित करने की अधिसूचना जारी करने सहित अन्य मांगों को लेकर शिक्षकेतर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। 100 की संख्या में कर्मचारियों ने घूम-घूमकर सभी पीजी विभागों को देखा और जो विभाग बंद नहीं थे, उसे बंद कराया। वहीं सबौर कॉलेज सबौर में भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। प्रदर्शन के दौरान दो कर्मचारी बेहोश भी हो गए। बिहार राज्य विवि एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय इकाई के मंत्री सुशील मंडल ने कहा कि तीसरे दिन भी सभी कॉलेजों में हड़ताल असरदार रही। कॉलेजों में पूरी तरह कामकाज व कक्षाएं ठप रहीं। उन्होंने बताया कि पीजी विभाग भी पूरी तरह से बंद कराया गया। जूलॉजी विभाग खुला था, लेकिन हड़ताली कर्मचारी वहां पहुंचकर उसे भी बंद करा दिए। उन्होंने बताया कि टीएनबी कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, बीएन कॉलेज, एसएम कॉलेज, टीएनबी लॉ कॉलेज, सबौर कॉलेज सबौर, एसएसवी कॉलेज कहलगांव, जेपी कॉलेज नारायणपुर, जीबी कॉलेज नवगछिया, पीवीएस कॉलेज बांका, मुरारका कॉलेज सुल्तानगंज और मदन अहलिया कॉलेज नवगछिया के कर्मचारी 13 सूत्री मांगों को लेकर कॉलेजों में धरना पर बैठे रहे। हड़ताल के कारण कॉलेजों में कक्षा पूरी तरह बाधित रही। कॉपी की जांच बुधवार को भी नहीं हुई। कॉलेजों के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही कर्मचारी महासंघ का बैनर लगाकर शिक्षकेतर कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। टीएमबीयू के कुलसचिव डॉ. निरंजन प्रसाद यादव ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। मंगलवार को पीजी की पढ़ाई भी बाधित होने की जानकारी मिली है। हड़ताल खत्म हो, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।