रोजगार को बढ़ाने के लिए स्कूलों में शुरू होगा व्यावसायिक कोर्स;

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग सूबे के 33 जिलों में चयनित एक-एक विद्यालयों में इस बार से नौवीं में व्यावसायिक कोर्स शुरू करेगा। राज्य में पहली बार इस तरह का प्रयास किया जा रहा है। भागलपुर में इसके लिए नाथनगर स्थित एसएस बालिका हाईस्कूल को चयनित किया गया है।

इस कोर्स के आधार पर कुल 25 छात्राओं का दो कोर्स में नामांकन भी ले लिया गया है। ब्यूटी एंड वेल्नेस में 15 और रीटेल मैनेजमेंट में 10 छात्राओं का नामांकन लिया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा पोर्टल खोले जाने के बाद इन विषयों के लिए इन छात्राओं का रजिस्ट्रेशन कराया जायेगा। प्रखंडों से भी पहले दो स्कूल और फिर प्रत्येक प्रखंड से दो-दो स्कूलों का नाम मुख्यालय भेजा गया है ताकि बच्चे इस तरह की पढ़ाई कर सकें।

पांच तरह के कोर्स, लैब भी हो गया तैयार

बिहार में नौवीं में पांच विषयों ब्यूटी एंड वेलनेस, रीटेल मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, सिक्योरिटी और टूरिज्म के रूप में यह कोर्स शुरू किया जायेगा। एसएस बालिका स्कूल में इसके लिए दो कोर्स ब्यूटी एंड वेलनेस, रीटेल मैनेजमेंट का चयन किया गया है। इसके लिए इस स्कूल में एक निजी एजेंसी के माध्यम से दो लेबोरेटरी भी तैयार कर लिया गया है। चयनित ट्रेडों की पढ़ाई पंडित सुन्दरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल द्वारा तैयार पाठ्यक्रम के अनुसार किया जायेगा। व्यावसायिक शिक्षा के चयनित ट्रेडों की पढ़ाई एनएसडीसी के मार्गदर्शन में राज्यस्तरीय चयन समिति द्वारा चयनित वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर (वीटीपी) द्वारा किया जायेगा।

इंटर में भी शुरू होगी पढ़ाई

सिर्फ नौवीं ही नहीं बल्कि इंटर में भी वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई शुरू की जाएगी। 11वीं में भी यह अनिवार्य विषय के रूप में रहेगा। हालांकि, यह साइंस आर्ट्स की तरह वोकेशनल संकाय बनेगा या सिर्फ एक विषय के रूप में इसकी पढ़ाई होगी, स्पष्ट नहीं किया गया है। ग्यारहवीं कक्षा से नामांकन शुरू किया जाएगा। यह नामांकन दसवीं कक्षा के रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा।

पहले से इंटमीडिएट में वोकेशनल की संकाय के रूप में हो रही है पढ़ाई

जिला स्कूल, राजकीय बालिका इंटर विद्यालय, मोक्षदा बालिका इंटर विद्यालय, मारवाड़ी पाठशाला, टीएनबी कॉलेजिएट में प्रत्येक विद्यालय में तीन-तीन ट्रेड है। प्रत्येक ब्रांच में 25-25 सीट है। ये कोर्स 1993 से शुरू हुआ था। प्रत्येक स्कूल में तीन-तीन विभिन्न ब्रांच होते थे और प्रत्येक ब्रांच में एक अनुदेशक और एक प्रयोगशाला सहायक होते थे लेकिन अब कुछ ही जगह ये हैं। 2018 तक कुछ ब्रांच में थोड़ा बहुत नामांकन हुआ लेकिन उसके बाद से यह बंदी के कगार पर है। जिला गर्ल्स स्कूल के अनुदेशक अरुण कुमार ने कहा कि ओएफएसएस में वोकेशनल का विकल्प नहीं होने के कारण इसमें नामांकन नहीं हो पा रहा है। व्यवस्था के कारण छात्र-छात्राएं नामाकन नहीं कराते हैं।

कोट

मुख्यालय से शिक्षकों के आने पर पढ़ाई शुरू करा दी जायेगी। इस तरह के कोर्स से छात्र-छात्राओं को रोजगार आसानी से मिल सकेगा। इससे बेरोजगारी की समस्या भी दूर होगी। इसके बाद आगे की पढ़ाई कर इसमें और बेहतर किया जा सकता है।

संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर